नित ज्योति जले अखंड मेरी मैया तेरे द्वारे।
भक्तों की पुकार है दुखी संसार है,
आजा मेरी काली मैया तेरा इंतजार ह।
बरसे अखियान्न से बदरवा आ जाओ साजनवा।
तू ही मेरी मैया जी,
तू ही शेरावाली वे तेरे,
कोई देवां भोत सहराई दादी म्हारी जी ।।
मैया रानी के भवन में हम दीवाने हो गए,
आओ आओ म्हारी मैया ने रिझावाँ।
दादीजी, सावणियै मँ आवो
थानै न्यूतो” -३, देय बुलावाँ, आवो आवो म्हारी माँ।
मेहदी लेकर आये है मैया साथ में,
तेरे मंदिरों की शान निराली,
हे माँ, तेरे मंदिरों की,
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