ममता की शीतल छाया में जब भी मुझे सुलाओं माँ,
लाखां ने थे ताऱ्या, माँ म्हाने भी थे तारो,
दिन रात सती मात थारो मंगल गाऊँ माँ,
मेहन्दी राचणी सौणी सी, मण्डाले मेरी माँ,
रच गई रच गई रच गई रे, राचणी माँ मेहन्दी रच गई रे ।।
सांवरिया गिरधारी जी,
म्हारी हुंडी स्वीकारो,
माँ में संसार समाया,
ऋषि मुनियों ने बतलाया,
जाग ज्वाला मैनु तेरा ही सहारा,
नैन तेरे माँ नैना देवी,
चरण तेरे चिंतापूर्णी,
मैया का चोला – है रंगला
शेरों वाली का चोला – है रंगला
You must be logged in to post a comment.