मैया को लग गई नजरिया,
कोई टीका लगा दो,
शेरावाली मेरी माँ भवानी जरा,
तू मुझपे करम,
आई आई रे ग्यारस की रात,
के भोग लगा जाओ,
छमक मन्दरिया में,
नाचे रे ज्वाला म्हारी,
माँ ज्वाला से आई माँ की ज्योत, ज्योत बड़ी प्यारी लगे,
मैया को अपने घर बुलायेंगे,
सारे मिलकर माँ का लाड लडायेंगे ।।
सब कोई झूमो नाचो, माँ आने वाली है।
थारी चुनड़ चम्मकदार लेकर आयो थारे द्वार, दादी ओढ़ के बैठो जी,
कभी तो ये मैया, माझी बन जाती है,
स्वर्ग से सुन्दर धाम, जहाँ मैया का दरबार
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