पवनपुत्र है नाम तुम्हारा, ओ अंजनी के लाल,
झाला देवे मंदिर में बैठयो श्याम रे,
एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइये,
माँ हो के शेर सवार,
आ गई भक्तों के द्वार,
या बैठी जाजम डाल उठाला राणी।
दुनिया भर के व्यापारी आ गये, खाटू के बाजार में,
ओ खाटू के राजा,
तू लीले चढ़ करके आजा,
जबसे शरण तेरी आई हूँ बाबा,
जबसे बाबा की कृपा हुई जीवन में खुशियां आई है।
चलो चलो सब खाटू धाम, विराज रहे जहां बाबा श्याम
You must be logged in to post a comment.