अरे तू तो पांच ठगों ने ठग ली कब भजन करेगी पगली।
देखो डम डम डमरू बाज रहा नाचे भोले भंडारी।
तेरे जैसा बांके बिहारी जहां में कोई और ना दिखे
तेरी प्यारी नगरिया खाटू वाले श्याम।
मैं तो दुल्हन बनुगी घनश्याम की
मैं तो रानी बनुगी ब्रज धाम की ।
बेगा पधारो बाबा, निर्धन के गांव रे,
लाल चोला लाल माँ का,
लाल चोला लाल,
बेगी बेगी चाल बालाजी थारी झोली भर देगा
लाल लाल लाल मेरी मां का चोला लाल।
एक है खाटू वाला दूजा मेहंदीपुर दरबार है।
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