भोले शंकर हम भक्तों से,
करते कितना प्यार,
मिला के श्याम से नजरें,तू दिल की बात बतला दे,
दाती दे दरबार कंजका खेल दिया
भोले कस के पकड़ लो हाथ,
छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,
मैं कहीं रहूँ मेरा श्याम, मेरे पास हो जाये ।।
थारी मोर छड़ी लहराओ जी , थारी मोर छड़ी लहराओ ।
बैठ सामने तेरे बाबा,
तुझको रोज मनाता हूँ,
जब से खाटू आया,
खाटू वाला बना मेरा,
जाएगी लाज तिहारी नाथ मेरो क्या बिगड़े।
दे दो बुलाओ भक्ता ने आयो फागुन आ गयो रे।
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