हस हस रुकमणी कृष्ण जी से पूछे मुखड़ा कैसे हो गया लाल
ओ स्वागतम मैया शरणागतम मैया
तू तो सब जाने रे.,
तेरे से क्या छानी रे.,
हिये काया में बर्तन माटी रो
रंगो भरा जीवन मेरा
बेरंग अब ये हो गया।
मैं क्या करूं राम मॉडर्न समधन मिल गई
राम भक्त ले चला रे,
राम की निशानी।,
तुम ही मेरा प्रेम राधे, तुम ही मेरे विश्वास में।
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो मेरी राधे,
शंभु शरणे पडी, माँगू घड़ी ए घड़ी,
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