शिव बड़े बुढे गौरा मेरी छोटी।
रे मेरी हो रही जात बिरान लेने के भगवान पता कोन्या ।
सारे जग में उजाला है,
मैंने तुझको पुकारा है,
खाटू वाले तू मेरी जान
है सारे जग में यह आला, मेरा सतगुरु निराला।
प्यारा सजा है दरबार तेरा मां, जिस की शोभा न्यारी है।
मालिक का भजन कर बंदे।
भटक्या से राम मिले कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी..
गले मुझको लगा ले बाबा खाटू वाले
चपर चपर बतलाबो छोड़, माल परायो खाबो छोड़
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