करूँ वंदन हे शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
शबरी करे पुकार राम कब आओगे।
हरी बगिया सूनी है काली कोयल बिना।
तेरे पावन माँ नवरात्रों में,
ज्योत तेरी जगाए हुए हैं,
रूम झूम करता पधारो मारा भैरो जी
कलयुग का राजा, ये शीश का दानी, ये दुनिया हुई है, मेरे श्याम की दीवानी ।
जल का लोटा हाथ में गणेश मेरे साथ में, कोई तुलसा सीचन जाए
श्री विष्णु अवतारी नमो नमः
ध्वजाबंद धारी नमो नमः
बोलो बोलो रे गोपाला बोलो
मैं भूल के सब कुछ बैठा हूँ अब आस तुझी से श्याम मेरी,
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