कितना रोई पार्वती,
शिवनाथ के लिए,
बजरंग बाला से जिनका संबंध है
छोटो सो बंदर हद करिग्यो
जय हनुमाना वीर हनुमाना,
तुलसा सीचन मैं चली गणेश मेरे साथ,
फागण को मेलो आयो है,म्हारा छैल छबीला श्याम खाटू का राजा मेहर करो।
तेरी महिमा, अपरम्पार, हो पार,
वृषभानु दुलारी श्री राधे ।
राधे गंगा में तू ,राधे यमुना में तू
ले हाथो में खड़ताल बाला जी छम छम नाच रहे,
जमुना के तट पर मारी नजरियाँ ,
ऐसी साँवरियाँ ने,
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