मैं दासी बन जाऊं मनमोहन मुरली वाले की,
केवट ने जब प्रभु श्रीराम को,
नाव से नदी के पार किया,
हे भीलनी के भगवान,
आओ आजाओ राम,
राधा जी के तन में मन में,
ध्यान मैं कृष्णा बसे है….
घनश्याम राधे श्याम,
राधे श्याम
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
मेरी रंग दे चुनरिया राम रंग में,
धन-धन अवध की नगरियासखी री जहां जन्मे श्री भगवान। माता कौशल्या ने राम को जन्माकेकई ने भरत ललनवा सखी री जहां जन्मे भगवान।धन-धन अवध की नगरियासखी री जहां जन्मे श्री भगवान। माता सुमित्रा ने लखन शत्रुघ्न,घर-घर बजत बधइयां सखी री जहां जन्मे श्री भगवान।धन-धन अवध की नगरियासखी री जहां जन्मे श्री भगवान। राजा दशरथ जी […]
रोज रोज राम जी का नाम लीजिए,
हाथ कस के पकड़ ले मेरा सांवरे, मैं छुड़ाना भी चाहूँ, छुड़ाना सकूँ।
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