मैं तो श्याम रंग में रंग गयी रे
मोहे भाये कोई रंग ना
तन पे लाल सिंदूर लगाके देखो नाच रहे बाला जी,
जयपुर का सुनियारा जी,
मने श्याम धणी ने सजाना है,
राम नाम का डंका बाजे नाचे रे हनुमान,
भजले बूढ़ा राम बजर की करले छाती रे।
अंजनी रो जायो पवन हुलरायो,बिडलो उठायो राजा राम रो।
ओ तो रुणिचे मे लाग्यो टेलीफोन भक्ता से बाबो बात करे
ये तो प्रेम की बात है उधो,
मिल जाएंगे भगवान बात करो ग्यारस का ।
दरबार तेरा जन्नत से प्यारा सांवरे।
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