मांगते ही रहते तुझसे, सांझ सवेरे,
मुझे भोले से मिलने दो नंदी मुझे मत रोको।
जिसने खाटू नहीं देखा फिर क्या खाक देखा जी।
गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़, कंवर तेजा रे,
कौन किसी का बेटा बेटी, झूठी दुनिया दारी।
आज दूल्हा बने हैं भोलेनाथ जोड़ी का जबाव नही।
अरे रुमझुम – रुमझुम बाजे
रमझोळां जी, कोई सातू बायां साथ
भायों त्याग चाय ने दीजे
बेटा बयाह लो राजी हो लो नई भोड़िया आवेगी
माँ बाप से बढ़कर जग में कोई दूजा नहीं खजाना
You must be logged in to post a comment.