मेरे घर भी आजा श्याम मिलने के लिए
नजरें क्या तुमसे मिली नजर तुम्हारी हो गई।
तुम तो काले हो कान्हा में तो गोरी रे।कैसे शादी रचाऊं वेरी सॉरी रे।
जय श्री श्याम बोलो जय श्री श्याम
जावो नुगरी काया थारो कांइ गुणगावां
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी
वेलेंटाइन का दिन आया हाथों में लेके गुलाब
पहला क्यों नी करी रखवाली,
थारो चिड़िया चुग गई खेत,
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल ना जाना।
हे हनुमान प्रणाम आपके चरणों में।
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