मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है।
छोड़ दे औरा पे जलना कर ले काम भलाई के।
नंदी पर भए असबार महादेव बम भोला
तेरे हाथों का खिलौना हूँ मैं साँवरा,
झुंझाले रा मैं तो दर्शन करसा,
आलकी ना पालकी जय बोलो महाकाल की।
सच्चे मन से नाकोड़ा, भक्त जो भी जायेगा,
मम स्वामिनि श्यामा जू, मम जीवनि श्यामा जू
मोहे तो लगन मेरे खाटू धाम की।
जब से जुड़े है हम तो , श्याम दरबार से
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