बेगा सिमरु ओ म्हारा गणपत जी महाराज।
चला तेरा दीवाना उज्जैन नगर। बेटा तेरा हूं मेरे दुखड़े को हर।
बाजन दे ओ भोले बाबा डमरू बाजन दे।
आकर शरण में आपकी,मशहूर हो गया हूँ।
चुपचाप बैठे सरकार,थोड़ा वक्त निकालो मेरे वास्ते
महादेव के चरणों से नाता जोड़ लीजिए।
फागणियो आयो जी, चालो जी चाला खाटू जी
शंभू ये तेरी माया
कहीं है धूप
कहीं है छाया।
जीवन का भरोसा नही कब मौत आ जायेगी
खाता तो सबका खोल रहा राधे श्याम
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