है गए लाल ही लाल सखी सब
कन्हैया रंग तोपे डालेगो सखी घूंघट काहे खोले
चलो अइयो रे श्याम मेरी,
पलकन पे चलो अइयो रे,
तू तो बना फिरे सरदार पोल तेरी खोलूंगी..
सखी री मेरा नाम भयो बदनाम श्याम संग होली खेलके।
श्याम रंग डालो गुलाबी मिलाय के
बाला हो बाला बजरंग बाला मां अंजनी के लाला
अरे यह तो होली खेल कर आयो रे बरसाने से कन्हैया।
रंग होरी मचाई दई रे मोहन रसिया ने।
चंदा जैसा मुखड़ा सुंदर प्यारा प्यारा
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