पल्लू लटके मैया का,पल्लू लटके
गऊ चराने में शर्म करे और कुत्ता घुमावे शान से
सखी ये मेरी नथली खुगी,मैया के मेले में।
रंग बरसे महारानी भवन में रंग बरसे।
में तो सत री संगत में जाऊंला।राम गुण हरी गुण गाऊंला।
ओ मैया तेरा सोलह सिंगार है।
लांगुरिया लेकर आयो रे मेरी गोटेदार चुनरिया,
खोल दे खजाने मां निहाल कर दे
कुष्मांडा मैया की महिमा गाए सारा जहान
मेरे पास तुम रहो
मेरे पास ही रहो
You must be logged in to post a comment.