अगर माँ ने ममता, लुटाई ना होती।
नंदोई सुता है रंग महला में।अरे हेलो मारयो बाने जीमन ने।
फौजा में भर्ती होगयो म्हारो लाल ननद रो बीर
धीरे धीरे खेलो भवानी मेरो छोटो अंगनवा।
धीरे खेलो भवानी मां की अखियां से रत्न जड़े।
मैया शिव की नार कहायी हो मोरी जगदम्बा।
खेलत भाव मचल गई मोरी अंबा भवानी।
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ, मुझको दर्शन दे देना।
कोई तो लाया कंगन पायल कोई सोने का हार
सीताराम सीताराम सीताराम,
मेरे मन बस गए सीताराम,
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