दर दर भटकता फिरा, ठोकर बड़ी खाया हूं
सरयू में सूरत दिखे से मने राम हमारे की,
मन के मंदिर में प्रभु को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है,
कलयुग के देव निराले मेरे बाबा सोटे वाले।
मेहंदीपुर में मच रही धूम आयो जन्म महोत्सव थारो
जली जली रावण की लंका जली
सुनो सुनो हनुमान जी एक जरूरी काम जी।
जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो
जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की
बजाओ राम नाम की ताली
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