मां मेरा दिल करता है एक बार दर पर बुला ले।
जगत जननी भवतारिणी मोहिनी तू नव दुर्गा ।
सूवा रे सूवा, बणखंडी सूवा,
खाटू धाम की माटी म्हारै रास आ गई।
लड्डू राम नाम का खा ले, तेरा हो जाए कल्याण
कौन खड़ी शमशान घाट पर, आधी रात अंधेरे में
मोहे भरोसो श्री गिरिराज को।
पीलो जी पीळो, कांईं करो सहेल्यूं ए,
किनारे से किश्ती लगानी पड़ेगी,
सुबह शाम और आठो याम बस जपु तेरा नाम रे
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