चाहे फाँसी लगे या लगे हथकड़ी,
जानकी की वजह से ना मैं मर सका।
भोले नाथ ने कर दियां काम डमरू बजाये कर के।
रूपिडो तो ले में दर्जीडे रे गई थी
सिया खेले जनक दरबार बरस भई सात की।
मिले हनुमत से जब राम चूटकी बाज रही।
तेरा इतना प्यारा नाम,हो नाम, हनुमान बली बजरंग बली।
क्या मांगू में भोले तुमसे कैसे तेरा ध्यान धरूं
भोले बाबा तेरी धुन लागी जद ते मने
बाबा मेरे मेरा तेरे सिवा, कोई और नहीं मने तेरी कसम
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