माँ की दुआ कभी खाली नहीं जाती,
ब्रज की सैर करा दे मेरे मोहन
तेरे दर्शन पाऊ रे मेरे बांके बिहारी।
तेरे चरणो में हो जीवन की शाम, किशोरी यही मांग मेरी।
माटी में मिले माटी पानी में पानी,
श्याम जमुना किनारे ना छेड़ो मुझे, पैर यमुना में मेरा फिसल जाएगा।
गंगा जमुना दोनों बहनों दोनों ही रिल मिल बहती रे।
मत ना इतना लालच कर,
रख बोल में रसाई भाई रे,तेरी सारे जय जय हो जागी।
सखी मधुर रसिलो नाम,
हमारी राधा रानी को,
जतन बिना मिरगाँ न खेत उजाड्या रे,,
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