दुनिया रीझेली मिठो बोलयां से।
बहु दो घुट चाय बना दे मैं पीके जाऊं सत्संग में।
जहां राम नाम रंग बरसे वहीं पे रम जाना रे मनवा वहीं पे रम जाना रे मनवा,
लाखो भगत है तेरे बाबा, एक और बढ़ा ले, मुझे अपना बना ले।
शीश सांवरे का खाटू में जग पे राज चलाता।
यह मोर छड़ी बाबा की मेरे साथ में रहे
राधे राधे मिला दे मुझे श्याम से। बात करवा दे मेरी तू घनश्याम से
राहों पे नजर रखना होठों पे दुआ रखना
मेरा हाथ पकड़ ले श्याम, मैं इस दुनिया से हार गई।
सालासर हनुमान जी महारा संकट आज मिटा दो जी।
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