जोड़ी राम लखन की आ गई दर्शन कर लियो लांगुरिया।
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा
मुझे है काम ईश्वर से,
जगत रूठे तो रूठन दे।
तूने दर पे बुलाया, अपने चरणों से लगाया
मेरे कृष्ण मुरारी आए, मेरे कृष्ण मुरारी आए।
जबसे किया भरोसा मैंने,
मेरे बने सब काम,
सहारा मिला तो संवर जाएंगे।
तु करले भजन बुढ़ापे में।
तूने जो कमाया है कोई, दूसरा ही खाएगा,
म्हारो रे सांवरियो हजारी गुल रो फूल, हजारी गुल रो फूल, सांवरियो मारी जीव री जड़ी।
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