दिल रो रो के तुझको पुकारे
ओ श्याम प्यारे ओ श्याम प्यारे
गोरा तेरा लाला निराला, चौड़े कान लंबी सूंड वाला।
नंदोई जी बने जनानी रे मैं गाली कैसे गाऊं
बहना चलो गुरुजी के देश गुरुजी ज्ञान बताएंगे।
राधा राधा जपते जपते तन से निकले प्राण रे
मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूं।
सत्संग में रस बरसा जइयो मेरे मेहंदीपुर के बालाजी।
सारा दिन फोन चलावे मेरी बुढ़िया
मैं बालम वहीं लूंगी जो हो पैसो वाला ।
बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे,
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