चलो रे सखी स्वामिनी अंगनैया
प्रेम से बोलो रे भक्तों जय जय कार। दौड़ी दौड़ी आवे माता सिंह पर सवार।
मेरे दिल में तूं गुरु का प्यार लिख दे।
दिल खोल के मांगो ननदी मांगन को दिन आज।
इधर भोले शंकर दूल्हा बने हैं, उधर गोरा दुल्हन बनाई गई है।
खाटू में श्याम बैठा नीले की है सवारी
ओ म्हारा सतगुरु बणिया भेदिया है,
जी ना सकोगे श्री राम के बिना, मर ना सकोगे राम नाम के बिना।
जाना है जाना है मुझे वृंदावन को जाना है
मेरा नाम है चमेली मैं हूं जच्चा अलबेली, चली आई हूं अकेली अस्पताल से
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