सेवा म्हारी मानो गणपत, पूजा म्हारी मानो ।
खोलो म्हारे हिवडे रा ताला जी ॥
अरे खबर करो निर्गुण की संतो,
भांवर पड़ गई रे भायलिया भोला जी के संग।
डमरु बजाओ भोलेनाथ हमारे घर सावन में
भोले बाबा हजारों तेरे नाम,
पियाजी, उभी मैं सरवर तीर
हठ लागी उंदरली रे हठ लागी उंदरली।हरिद्वार चाल माला फेरो रामा की।
सुन लो विनय हमारी बलराम जू के भैया।
हनुमान है राम का दीवाना राम चरणों में उनका ठिकाना
कब से राह तकू श्याम तेरी, क्यों ली ना खबर तूने मेरी।
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