दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाए
पैसों प्यारो रे दुनिया में श्याम जादूगारो रे, पैसों प्यारो रे।
काँटो लाग्यो रे सतसंग में म्हारे खटक रह्यो दिन रात,
धीन मारा भाग पधारी मारी तुलसा,
बालाजी एक लगाई निंबडली
कटे बिराजे तुलसा ना कटे शालिग्राम।
भजन करूंगी दिन रात, बुढ़ापा आया।
लक्ष्मीनाथ म्हाने प्यारो लागे चारभुजा रो नाथ, म्हारो चित चरणा मे राख
बनडो सो लागे रे,
धीरे बरसो इंदर राज म्हारो खाटू वालो झूले।
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