म्हारी कंचन वाली काया में दाग लगाया भोला जीवडा
यो तेरो नंदकिशोर जसोदा हद कर गयो।
ओढ़ो ओढ़ो ये सुहागन नार चुनर सत्संग की।
मेरा भारत प्यारा भारत,
धरती की हरियाली बोले जय जय भारत मां।जय जय भारत मां।
आते ही बन्नी, बदल गया बन्ना,
बोल रहा कागा अटरिया में,अटरिया में, प्यारी लगे मैया चुनरिया में ।
शंकर का डमरू बाज रहा सावन के महीने में।
बरेली नगरी नाथ नगरी कण कण भोले नाथ जी।
आयो तीजा रो त्योहार दादी झूले होले होले।
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