तेजल की उड़गी नींद, वह तो कद को ही बन गयो बिंद।
घोड़लियो भगाओ श्याम विपदा भारी आई है,
तु म्हारी लाज राखे।
थारी महिमा अपरंपारी, रे मनाव दुनिया सारी, मने अच्छा लागे से।
मैया मोहे राधा लगे मलूक ब्याह राधा संग करवाई दे
मत कर चिंता बावले सांवरिया घर आसी रे।
जिस सायब ने सृष्टि रचाई, वो मालिक है सब के है माय
मात पिता की सेवा जैसा,
बन्दे और जगत में,
तर्ज, भरी रहवे थारी बेटी की रसोई,अन्नपूर्णा बन आओ जी दादीजी।भरी रहवे थारी बेटी की रसोई,अन्नपूर्णा बन आओ जी दादीजी। थे अन्नपूर्णा बन आओ जी दादीजी। बड़ा बडेरा की सेवा को मां।बड़ा बडेरा की सेवा को मां। हिवडे में भाव भराओ जी दादी जी।भरी रहवे थारी बेटी की रसोई,अन्नपूर्णा बन आओ जी दादीजी।थे अन्नपूर्णा बन […]
सबने ही प्रथ में, सारे जगत में , तेरी पूजा होरियाँ ,
You must be logged in to post a comment.