तीन बाण के धारी तीनों बान चलाओ ना मुश्किल में है दास तेरा अब जल्दी आओ ना,
तीन बाण के धारी तीनो बाण चलाओ ना
सुन करके मेरी विनती गणराज चले आना
छाला पड़ा कृष्ण जी चरणन , लियो रुक्मणी रानी देख।
कलयुग के तुम अवतार खाटू वाले, नीले घोड़े वाले दुखियों की सुनो फरियाद सांवरे।
पलकारी छांव राखो सा, बैरी नजरा बचाया राखो सा
हाथ थाम लो हार न जाऊं वह मेरे खाटू के श्याम
गोरा तेरी दीवानी भोलेनाथ जी।
चल खाटू, चल खाटू ,चल खाटू ,चल खाटू।
ठुमक ठुमक के नाच गजानन गोरा जी के लाल रे।
You must be logged in to post a comment.