जिस घर में तुलसा मां का वास, उस घर सब खुशियां
बड़े भाग से मिली मुझे ठाकुर की यह गली।
आंगनीये में तुलसा म्हारे गवाड़ी में तुलसा। मैं तो छाजा छाज लगाई तुलसा, जागया म्हारा भाग लगाई तुलसा।कोई छाजा छाज लगाई तुलसा, जगया म्हारा भाग लगाई तुलसा। बिडले में तुलसा म्हारे बरिंदे में तुलसा।बिडले में तुलसा म्हारे बरिंदे में तुलसा। मैं तो मिंदरा मिंदरा लगई तुलसा।जागया म्हारा भाग लगाई तुलसा।कोई मिंदरा मिंदरा लगई तुलसा।जागया म्हारा […]
तुलसा तेरे मंदिर को मैंने दियो से सजाया है।
आऊं ना खाटू धाम तो मेरा दिल नही लगता।
सर पे चढ़ा है सबके खुमार दर्शन की लम्बी लम्बी कतार
मुकुन्द माधव गोविन्द बोल
रमते जोगी ने म्हारा आदेश देणा रे।
सज धज कर बैठयो म्हारो सांवरियो , बनडो सो रूप म्हाने प्यारो लागे।
सज धज कर बैठ्यो सांवरिया,यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे
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