कहो राम राम जी भक्तों बालाजी आएंगे।
किनारे नैया कर दो ना
तीन त्रिलोकी रो नाथ जटायु ने गोद लियो
कुन जाने या माया श्याम की,अजब निराली रे।
कान्हा गेंदडली खेलन ने मत जा रे, रमण ने मत जा ये, जसोदा बरजे घणी रे घणी।
मुनियों की प्यारी एकादशी संतों की प्यारी एकादशी
पपइया , पियाजी री वाणी मत बोल ॥
तेरे पे रखा सच्चा ध्यान मेरी ग्यारस माता।
कर दो कर दो बेडा पार मेरे उज्जैन के महाकाल
जिसके सिर ऊपर तू स्वामी,सो दुख कैसा पावे
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