ए री बहना सतगुरु दे गए ज्ञान बाग भक्ति का लगाइयो रे,बाग भक्ति का लगाई रे ।
भगवा के खातिर जीना है, भगवा पे मर जाना है।
भगवा के भगवान अब घर आएंगे भक्तों के भगवान अब घर आएंगे
कोई बोले राम राम कोई कन्हाई। कोई श्री गोविंदा कोई रघुराई।
नटवर नागर नंदा भजो रे मन गोविंदा
चाहे जैसे मुझे रख लो कुछ ना कहूंगा मैं।
भगवाधारी छा गए, तंबू से महलों में आ गए।
मेरे राम लला के सोहनी मूरत सजने वाली है।
अयोध्या सज गई है सरकार
काया में झांको रे पर्चो राम रो।
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