सब ने तुम्हें पुकारा श्री राम जी
हीरा मोती के सिंहासन पर विराजे लालन जु।
कदम कदम पे साथ निभाता सांवरा।
बजाओ राम नाम की ताली।
बजाओ दोनों हाथ उठा के ताली राम नाम की जी।
मेरे पैर जमीन पर ना लग पाएंगे जब श्याम आएंगे।
कालो की काल महाकाली
भवानी माई कलकत्ता वाली
रंगरेजिया रंग दे रे मैया की चुनरिया,
पंखिड़ा तु उड़ ने जाना पावागढ़ रे,
हा रे आखिर मरणो रे
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