कोई रटे सीताराम,कोई जपे राधे श्याम
फेरा खाटू धाम का लगा लीजिए।
कितनो बड़ो मेरो भाग्य है बाबा, थां सो देव मिल्यो,
कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी,
थे म्हारी कुलदेवी,
म्हारो ले जा रे संदेशो हनुमान राम ने कह दीजो,
धीमा हालो म्हारा साँवरिया, म्हारे पगल्या में बाजे पायलिया।
अवध नगरी अब तो सोने री भई
आलसियो काई लेवो हंसा सागरियो लहराए रे
उड़ जा उड़ जा रे केसरिया काला काग
दो नैना बिहारी लाल के, लागे कमाल के।
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