ये देश बेगाना है छोड़ इसे जाना,
आँख जरा खोल रे
अपना मुझे बना के, चरणों से मुझे लगाके,
किस्मत बदल दी मेरी,
संकट में आज लक्ष्मण के प्राण हो पड़े, राम रो पड़े हो तेरे राम रो पड़े।
मेरी पांचों उंगलियां बड़े काम की, जय बोलो सीताराम की।
जपने दो जपने दो, मुझे गुरुजी की माला जपने दो।
शिव भोले भंडारी गोरा से ऐसे बोले रे।
अरे मेरे सब बातन को ठाठ राम गुण अब नहीं गाऊंगी।
बाबा तुम जो मिल गए, फूल जैसे खिल गए।
भजना मे जावा कोनी दे,
सतसंग मे जावा को नी दे,
चले आना श्याम मथुरा नगरिया।
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