ओ भोले नाथ जी, तेरा द्वार बड़ा चंगा
शिव गौरां के मिलन का उत्सव, मिलकर सब मना लो,
उज्जैन के राजा तुमकों आना पड़ेगा, भक्तो को दर्शन दिखाना पड़ेगा।।
दूल्हा बने त्रिपुरारी जू,
शिव भोला भंडारी जू,
मेरे खाटू वाले श्याम मेरे सांवरे,
चरणों का चाकर बना ले मुझे,
बस चार दिनों का मेला,
फिर चला चली खेला,
भोला दानी रे भोला दानी,
कुण तो लाया तूम्बड़ा,
ने कुण तो नागर बेल,
भरती होजा रे सतसंग मै ,
नर थारो भाग खुलेला ।
वा वा रे बजरंगी बाला ,
बडो बलकारी रे।
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