मेरे मन में बसा नैनों में बसा मेरा रसिया।
हो म्हाने रामजी सदा ही वर दिज्यो म्हारी माय,अमरापुर म्हारो सासरो।
झूम के गाओ भक्तो ये फागण रोज रोज नहीं आना
जो मिला दर से तेरे ही मिला,श्याम तेरा शुक्रिया है शुक्रिया।
घड़ी घड़ी मुझको सताया ना करो,
कान्हाँ रंग लेके पीछे पीछे आया ना करो,
सुनले वृषभानु किशोरी, जो मोते ना खेली होरी, तेरी मेरी कट्टी है जाएगी।
तुम करो प्रभु से प्यार अमृत बरसेगा
मेरा कस के पकड़ लो हाथ
छुडाऊ तो छुडाया नहीं जाय
मेरे दिल में तुम रहते हो,
सांसों में तुम बसते हो,
हुनमत के गुण गाते चलो, प्रेम की श्रद्धा को बढाते चलो।
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