बाबा, मैं हारा हूँ,
साँवरिया मुझे जीत दिला दे,
श्यामा प्यारी कुञ्ज बिहारी,
जय जय, श्री हरिदास दुलारी,
आई फागण की रुत आई,
अब तो आजा श्याम कन्हाई,
ओ सांवरे मेरी सुध लेना,
मैं तंग आ गया हूँ मेरी सुध लेना,
राम रे रणुजा वालो आवतो तो,
झीणा झीणा घूगरा बजावतो तो,
आपके श्री चरणों में
उमर कट जाए ये सारी
महफिल श्याम की सजाई, लड़ियां फूलों की लगवाई, आने वाले हैं खाटू के सरकार जी।
कांटाबाजी के नरेश तेरी शान निराली है, कांटा बाजी के
मैं तेरा लाडला तू मेरा सांवरा, दूसरा अब कोई और भाता नहीं।
महे तो पुगया थारे मंदिरिए रे द्वार,मिल ले सांवरिया।
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