जो भी आया हारे के दर पे तार दिया
आओ आओ जी पधारो बाबा श्याम,
बुलावे थारा टाबरिया,
खाटू का राजा है श्याम मेरा खाटू का राजा है ,
अमृत की हुई बरसात अब के फागुन में ,
महिमा कही ना जावे बाबा श्याम की ,
चलो बुलावा आया है बाबा ने बुलाया है ,
आई फागण की रुत आई ,
अब तो आजा श्याम कन्हाई ,
बाबा फागण के लिए,
कर राखी तैयारी है,
श्याम चरणों में दे दो ठिकाना
मुझे न कुछ और चाहिए
हारा हूँ बाबा बस तुझपे भरोसा है,
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