शिवजी रम रया रे पहाड़न में, गवरा पार्वती के संग
हे गुरुदेव आपको क्या दूँ, वस्तु मैं उपहार में,
बनो तो म्हारो शंकर भोलेनाथ बनी तो म्हारी गौरा लाडली।
खाटू वाले श्याम का जमाना आ गया
खाटू वाले का है आज जमाना, जिसे देखो वही श्याम दीवाना।
ले होली, आगी रे, आगी रे,
उड़ रह्यो रंग गुलाल,
गाल मेरो रंग गयो घुंघट मेरो खोल के। मोहे पूरी भिगो गयो हाय मिठो मिठो बोल के।
बनके दूल्हा चल दिए री भोले बाबा,लटधारी,त्रिपुरारी,
होली खेलन आई तुमसे राधा प्यारी।
सुख भी मुझे प्यारे है दुःख भी मुझे प्यारे है,
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