दुनिया भर में सिक्को चाले श्याम नाम को।
फागुन में उड़े रे गुलाल कहियो नंदरानी से,
खोलो समाधी भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ,
होली खेलन आयो श्याम,
आज याहि रंग में बोरो री ॥
मत जाओ मारा काना मथुरा में।थारा मामोसा जनम रा बैरी रे,मत
होली खेलन राधा आई रे
आओ श्याम बिहारी।
मत जा सांवरिया रे,तू मथुरा,
तेरी राधा रो रो पुकारे,
फागण आया है,संदेसा लाया है।
कृष्णा कृष्णा आए कृष्णा, जगमग हुआ रे अंगना।
जड़ से पहाड़ों को डाले उखाड़
थर्राते त्रिभुवन जब मारे दहाड़
You must be logged in to post a comment.