तेरे तीन बाणों में जादू है, हारो को जीता देते है।
जादूगर मेरा सांवरा, नैनो से घायल करे।
ओ बाबा पलका थारी खोलो जी। टाबरीया थारी बाट निहारें, कुछ तो बोलो जी।
तेरे दरबार का, नज़ारा देखने आया हूँ। भर दे अब झोली, श्याम बाबा हाँ मैं आया हूँ।
है सिर पे मुकुट, कंठ वैजन्ती माला, कहाँ जा छुपा है, मेरा मुरली वाला ।।
खाटू में बाबा तेरो धाम, खाटू में बाबो झूम रहयो,
होली खेलूंगी फागण में, मैं तो श्याम धणी के द्वार, होली खेलूंगी
बाबा प्रेम की होली है, श्याम संग खेलूं होली, उन्हें रंग जो लगाना है
बरसे रंग गुलाल, श्याम तेरी होली में।
तेरे चरणों में जीवन बिताऊं सुबह शाम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम,
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