दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी,
मै तो आया आया थारे दरबार, गुरूवर म्हारा ओ।
माता जी थारा चौक में नाचुली घूमर गाल में।
सुख-दुख रो जोड़ो जग रे माई, साथ सूखीया ना कोई रे जी
अपने पिया की मीरा ,
बनी रे जोगनियाँ।
खम्मा रामापीर थाने,
खम्मा रामापीर,
आनंद के लुटे खजाने
भाई सतगुरु के दरबार में
जिस पथ पे चला उस पथ पे मुझे
आँचल तो बिछाने दे
हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह,
तेरी अदाओं पे वारी
श्याम पिया मतवारे पिया
You must be logged in to post a comment.