आ दर्श दिखा दे बाबा श्याम
Category: श्याम भजन लिरिक्स
रंग मैं होरी कैसे खेलूँ री जा साँवरिया के संग।
बोल कन्हैया बोल तु तो ,
जेल में जन्मियो।
मेरो मदन गोपाल धन दौलत मुझे कुछ ना चाहिए, जोडू दोनों हाथ
नन्हीं सी लाड़ली जब,बनके तू घर आयी
खाटू वाले तेरी महफिल,
कहने को साथ अपने एक दुनिया चलती है
ओ खाटू वाले तेरी महफ़िल,
हमें रास आ गई,
केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश
जब भी मुश्किल से हो सामना, उस समय तुम मुझे थामना।
You must be logged in to post a comment.