कब से तुमको पुकारे सांवरे आओ।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
खाटू वाला बड़ा दिलवाला,
कान्हा ना चाहिए बैकुठ जन्म मोहे ब्रज में दीजो रे।
श्याम प्रेमियों का त्यौहार आ गया।
सरस्वती माता की आरती
खाटू हालो सावरियो भगता की पथ राखनियो
ओ साँवरिया आँख्या खोल तेरा सेवक अरज गुजारै।
फागुन के मौसम में मैं अपने बाबा के
दरबार आई,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा रे। मैंने तुझे अपना माना रे।
हुआ जन्म अष्टमी रात, हो रात
छठी आज मनाई कान्हा की,
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