श्री राणी सती दादी मंगल मनका
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
थारी चुनड दादी जी लेहर लेहर लहराई रही,
चढ्यो है मेहन्दी को रंग, भवानी थारे हाथां में,
झुंझणु वाली जग सेठाणी, बंदन बारम्बार, तेरा जैकारा है,
थारी चुनड़ चम्मकदार लेकर आयो थारे द्वार, दादी ओढ़ के बैठो जी,
थारां टाबर ल्याया जी, दादीजी ओढ़ो लाल चुनड़ी,
कुटिया मेरी माँ सूनी पड़ी, मैं रस्ता निहारूं तू आ मावड़ी ।।
तीज्यों के सिन्धारे में, दादी ने बुलावांगा,
थाने चूनड़ी माँ टाबरिया उढ़ाणे आया
ममता की शीतल छाया में जब भी मुझे सुलाओं माँ,
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