चुनर थारे ताई लयाया ये दादी थाने उढास्यां।
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
ल्याय संदेशों ओ डाकिया म्हारी दादी को
कून सजाई दादी जी थे लागो प्यारी बन्दडी।
जब जब हम दादी जी का मंगल पाठ करते है
ओ दादी खोल दे दरवाजो
म्हें तो मंदिर आवांगा।
एक बार आजा दादी,
तुझको निहार ल्यूं,
हम मैया के लाडले रहते दुनिया से अनजाने
दादी जी म्हारे घराँ पधारी, तन धन जी भी साथ हैं,
हम दादी के लाडले,
हम पर किसका जोर,
थारे मंदिरिये के माहीं,
थारे देवरिय के माहीं,
दादी, दादी, हो दादी,
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